क्या हमारे देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत करना सही होगा ?

"इंडिया" नाम हमारे देश को ब्रिटिश शासकों ने दिया | कुछ लोग इसे "सिन्धु घाटी सभ्यता" से जोड़ते हैं , क्योंकि अंग्रेजी में उसे "इंडस वैली सिविलाइज़ेशन" (Indus Valley Civilization) कहते हैं , और "इंडस" शब्द से "इंडिया" शब्द तक पंहुचा जा सकता है | लेकिन असली मुद्दा ये है की जिस देश के 2% से भी कम लोग ही सही तरीके से अंग्रेजी बोल पाते हों , क्या उस देश का नाम अंग्रेजी में होना सही है | हमारे देश का हिंदी नाम "भारत" है , जिसका अपना एक अर्थ है , एक महत्व है , जो आपको इस लेख को पढ़ कर पता चलेगा |

इंडिया और इंडियन का शाब्दिक अर्थ क्या है ?

ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी को अंग्रेजी भाषा का सबसे बढ़िया शब्दकोष माना जाता है | सन 1900 की Oxford Dictionary के प्रष्ठ 789 में "India" और "Indian" शब्द का अर्थ "Poor - Old fashioned - Criminal people" अर्थात "गरीब -पुराने विचारों वाले -अपराधी" है | ब्रिटिश राज में खास जगहों से भारतियों को वर्जित रखने के लिए "Dogs and Indians are Not Allowed" लिख कर बोर्ड लगा दिए जाते थे | कुछ विद्वान ये भी मानते हैं की "इंडिया" शब्द का शाब्दिक अर्थ है "वो दम्पति जिनकी शादी चर्च में नहीं हुई" अर्थात जिनकी शादी मान्य नहीं है | इसी प्रकार "इंडियन" शब्द का अर्थ है "नाजायज़ संतान" (Bastard), अर्थात एक ऐसे जोड़े की संतान जिनकी शादी मान्य नहीं है | आज़ादी के बाद भी ऐसे बोर्ड भारत में कई जगहों पर देखे गए हैं, जो उन लोगों की मानसिकता को दर्शाते हैं जो भारतीय हो कर भी खुद को कुछ अलग समझते हैं |

भारत शब्द का अर्थ क्या है ?

कुछ समय पूर्व दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने भारत शब्द का बड़ा ही गहरा अर्थ समझाया | उनके अनुसार भारत शब्द तीन शब्दों का संगम है , भा-रा-ता | "भा" का अर्थ है "भावना" जो हमारी इन्द्रियों के कारण उत्पन्न होती है , "रा" का अर्थ है राग या धुन , "ता" का अर्थ है ताल या तल | इस प्रकार भारत अर्थात वो तल (वो भूमि) जो आपको आपकी भावनाओ (इन्द्रियों) और अन्दर के राग को जानने का अवसर दे | ये अर्थ थोडा आध्यात्मिक है, लेकिन सटीक है | भारत सदा से सत्य के खोजियों की भूमि रही है | अनंत काल से सत्य की खोज में दुनिया भर से लोग इस धरती पर आते हैं | परन्तु आज का सत्य ये है की हम खुद ही इस धरती का उद्देश्य भूल चुके हैं | कुछ गिने चुने लोग ही आज भी इस धरती पर अध्यात्म को जीवित रखे हुए हैं | भारतवर्ष के अध्यात्म का अर्थ किसी धार्मिक शिक्षा से नहीं बल्कि सत्य की खोज से है | इसलिए भारत शब्द को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता |

क्या भारत नाम राजा भरत के कारण पड़ा ?

महाकाव्य शाकुंतलम के अनुसार राजा दुष्यंत और उनकी पत्नी शकुंतला के पुत्र राजा भरत हुए थे , जो बहुत ही अच्छे प्रजा-पालक थे , और उनको सम्मान देने के उद्देश्य से इस देश का नाम "भारत" रख दिया गया | यहाँ सोचने वाली बात ये है की क्या कोई व्यक्ति एक राष्ट्र से महान हो सकता है , कि उसके नाम पर राष्ट्र का नाम रख दिया जाए | राष्ट्र कोई पुस्तक नहीं है कि उसके लेखक के नाम पर उसका नाम रख दिया जाए | इस तथ्य को देखते हुए ऐसा होना असंभव सा प्रतीत होता है | हाँ लेकिन राष्ट के नाम पर किसी व्यक्ति का नाम हो सकता है |

क्या भारत एक हिन्दू धर्म का शब्द है ?

नहीं, कोई भी धर्म एक राष्ट्र को परिभाषित नहीं करता | ऐसा इसलिए क्योंकि धर्म का उद्देश्य राष्ट्र का निर्माण नहीं है बल्कि सत्य की खोज है | हिन्दू धर्म तो वैसे भी समस्त संसार को एक परिवार मानता है | अगर कोई धर्म किसी राष्ट्र का निर्माता बनेगा तो वो धर्म न रहके राजनीती हो जायेगा | जो व्यक्ति सच्चे अर्थों में अध्यात्म या धर्म को प्राप्त हो जाते हैं उन्हें तो राष्ट्र की सीमाएं समझ ही नहीं आती | आप किसी बुद्ध को या परमहंस को राष्ट्र की सीमाओं में नहीं बाँध सकते | भारत शब्द हिन्दू धर्म से उपजा हुआ नहीं है | कुछ लोग तो हिन्दू को धर्म ही नहीं मानते , बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों का एक संग्रह मानते है | "भारत" शब्द किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा बनाया गया होगा जिसे धर्म, अध्यात्म और राजनीति की परख होगी , जिसे पता होगा की राष्ट्र का नाम वहां के निवासियों को कैसे जोड़ सकता है |

क्या हमारे देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत करना सही होगा ?

बिलकुल सही होगा | इंडिया शब्द आज भी हमारे देश के एक ब्रिटिश उपनिवेश होने का स्मृति चिन्ह है | ऐसे बहुत ही कम देश हैं जिनका अपनी भाषा में नाम कुछ और है और विश्व के मानचित्र पर कुछ और | ऐसे ज्यादातर राष्ट्र वो हैं जो किसी दुसरे देश के गुलाम रह चुके हैं | "इंडिया" नाम के साथ वो अर्थ और भावना नहीं जुडी हुई है जो "भारत" शब्द से जुडी हुई है | अगर ये भी मान लिया जाए की "इंडिया" शब्द सिन्धु नदी से बना है और इसका कोई गलत अर्थ नहीं है , तो भी ये केवल एक भोगौलिक जगह को ही दर्शाता है , जिसका कोई अध्यात्मिक अर्थ नहीं है | आज लोग अपने बच्चे का नाम भी ये देख कर रखते हैं कि उसका अर्थ क्या निकल रहा है , कई बार तो ऐसे नाम सामने आते हैं जिन्हें बोलना भी कठिन होता है | यहाँ तो देश के नाम की बात है | "भारत" शब्द न केवल बोलने में आसन है , बल्कि इसका अपना एक अर्थ और अध्यात्मिक महत्व भी है | हो सकता है की आप में से कुछ ये कहें की देश का नाम बदलने से ज्यादा जरूरी और बहुत काम हैं सरकार के पास | लेकिन मेरा ये मानना है की अगर देश का नाम बदलने से देश की ज्यादातर जनसंख्या गोरवान्वित महसूस करे तो ऐसा करना चाहिए | वैसे भी ये नाम बदलने की मांग नहीं है , बल्कि एक गुलामों वाले नाम को छोड़ने की बात है | भारत तो इस भूमि का नाम सदा से रहा है | इस बारे में आपके क्या विचार हैं, वो नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं |

Comments

Popular posts from this blog

GSSSB Recruitment 824 Additional Assistant Engineer (Civil) Vacancy till 30-Jun 2025

शिव सूत्र : संस्कृत से हिंदी भावार्थ सहित (Shiv Sutra Hindi Translation)

शिव सूत्र : 1 - 1 चैतन्यमात्मा