गायत्री मंत्र - क्या आप इसका गलत उच्चारण करते हैं ?
"गायत्री मंत्र" शास्वत धर्म (हिन्दू धर्म) के सर्वाधिक प्रसिद्ध मन्त्रों में से एक है , इसी लिए इसे महामंत्र की उपाधि भी दी गयी है | गायत्री मंत्र के इतने प्रसिद्ध होने के पश्चात भी कई लोग या तो इसका सही उच्चारण नहीं करते या उनके मंत्र में ही कुछ त्रुटी होती है | यदि आप केवल इस मंत्र को सुनना चाहते हैं तो नीचे दिए गए Audio Player पर अपनी पसंद की ध्वनि में सुन सकते हैं | ध्वनि चुनें : गायत्री 01 गायत्री 02 गायत्री 03 गायत्री 04 गायत्री 05 गायत्री 21 ब्राह्मण गायत्री अथर्व वेद गायत्री शुक्ल यजुर्वेद गायत्री कृष्ण यजुर्वेद गायत्री कृष्ण यजुर्वेद 02 Your browser does not support the audio element. क्या आप "गायत्री मंत्र" को बार-बार सुनना चाहते हैं ? यदि "हाँ" तो कितनी बार : सामान्य रूप में संध्या वंदना में जिस गायत्री मंत्र का प्रयोग किया जाता है वह ऋषि विश्वामित्र रचित गायत्री मंत्र है , जो इस प्रकार है | ॐ भूर् भुवः स्वः। तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ अर्थ : उस प्राणस्वरूप, द...